अगर अभी सोने चांदी खरीदने में रुचि रखते हैं तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी निकाल कर आ रही है। इसमें आप लोगों को सोना चांदी सस्ते दामों में दिया जा सकता है तो चलिए हम अपनों को बताते हैं क्या ले जा सकते हैं। जैसा कि आप लोग जानते होंगे कि अभी धनतेरस में सोने और चांदी के दाम बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है इसलिए आप लोग भी ढंडेरा से एक-दो दिन पहले जाकर सोना या चांदी को खरीदने यहां पर आप लोगों को बहुत सारे फायदा होने वाली है और साथ ही इस धनतेरस के शुभ अवसर पर आप लोगों को सोने चांदी के दाम बहुत गिरावट देखने को मिल सकती है।
सोने के दाम में आई गिरावट
आज के कारोबार में सोने की कीमतों में हल्की कमी दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में जो तेजी बनी हुई थी, वह अब थमती नज़र आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर के मज़बूत होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आने के कारण सोने पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल, देश के अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹63,800 से ₹64,200 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹58,500 से ₹59,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना हुआ है। यह गिरावट उन खरीदारों के लिए राहत की खबर है जो त्योहार या शादी के मौके पर खरीदारी का इंतज़ार कर रहे थे। साथी आप लोगों को शेयर बाजार के सारे लड्डू कर दी गई है तो आप लोग इसको ध्यान से पढ़ने और उसके बाद सोना चांदी के लिए देने जाएंगे 24 कैरेट का और 22 कैरेट का कितना सोने चांदी का दाम है।
चांदी के भाव में भी नरमी
सोने की तरह ही चांदी के रेट में भी आज गिरावट देखने को मिली है। बीते हफ्ते जहां चांदी ₹74,500 प्रति किलो तक पहुंच गई थी, वहीं आज इसका दाम घटकर लगभग ₹73,000 से ₹74,000 प्रति किलो पर आ गया है। कारोबारियों का मानना है कि उद्योगों की मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती ने चांदी की कीमतों पर असर डाला है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में फिर से भाव में सुधार देखने को मिल सकता है।
गिरावट की मुख्य वजहें
सोना और चांदी दोनों के दामों में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मज़बूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी। इसके अलावा, निवेशकों ने बीते दिनों में भारी खरीदारी की थी, जिसके बाद अब मुनाफा वसूली का दौर चल रहा है। भारत में भी घरेलू मांग इस समय कुछ शांत है क्योंकि खरीदार त्योहारों के दौरान और कम कीमत की उम्मीद कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में फिलहाल सुस्ती देखी जा रही है।